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पग-पग    पोखरि   माछ    मखान,   
सरस    बोल    मुस्की    मुख   पान  ।
विद्या-वैभव        शान्ति        प्रतीक,  
सरितांचल  श्री  क्षेत्र  मिथिला  थिक॥
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  ऐतिहासिक यात्रा ऐतिहासिक यात्रा: भागलपुर मिथिलाक महत्वपूर्ण बौद्धस्थल-महिषी
  सौराठ सभा    

ऐतिहासिक यात्रा

जय मंगलागढ़ : जय मंगलागढ़ बेगुसराय मे वरीयारपुरक नजदीक अछि । बेगुसराय सँ जय मंगलागढ़ जेबाक लेल मझौल तक नीक रस्ता बनल अछि आ तेकर बाद कच्ची रस्ता अछि । एतय ठाढ़ एकटा भव्य आ पैघ गढ़क भग्नावशेष टीलाक रूप मे ठाढ भऽ कऽ पर्यटक के अपन इतिहास मौन भाषा मे कहि रहल अछि । प्राचीन समय मे एकर संपर्क नौलागढ़ सँ जलमार्ग सँ छल । एतय एकटा पुरान देवी दुर्गाक मंदिर अछि । एहि मंदिरक आधा भाग ढूहक भीतर आ आधा भाग ढूहक बाहर अछि । पुरातत्वक जानकार बतबैत छथि जे एहि प्रकारक मंदिर अथवा भवन पृथ्वी के धीरे-धीरे बढ़बाक कारण एहि तरहक रूप लऽ लैत अछि । मंदिर मे स्थित देवी भगवतीक प्रतिमा बहुत पुरान आ ढाई फीट उँच अछि । भगवतीक प्रतिमा स्तनविहीन अछि आ स्थानीय लोकक अनुसार मठ पर विधर्मी आक्रमण कयलक आ मूर्तीक एहन रूप बना देलक । तथापि एहि बातक कोनो ठोस प्रमाण नहि अछि । जय मंगलागढ़क उत्तर मे लगभग २ कि०मी० दूरी पर अनेक छोट-छोट ढूह अछि । जय मंगलागढ़ सँ पालकालीन सिक्का प्राप्त भेल अछि । किछु विद्वान एकरा नौलागढ़क शासक द्वारा बनाओल गेल देवस्थान मानैत छथि । वर्तमान मे गढ़क जमीन पर पंडाक अधिकार अछि । हुनका लोकनि लग ताम्रपत्र पर लिखल वसीयत सेहो अछि, जाहि मे लिखल अछि जे ई जमीन हुनका पूर्वज लोकनि कें दान मे भेटल छल । पुरातत्वक विद्वान लोकनि बतबैत छथि जे एहि गढ़क निर्माण कावर झीलक बीच मे भेल छल । प्राचीन काल मे कावर झील खूब गहींर छल, लेकिन आब एतय नहर बनि गेल अछि आ ताहि कारण सँ आब बर्षाक मौसमक बाद एतय पानि नहि रहैत अछि ।

सीतामढ़ी
सीतामढ़ी सँ १ कोसक दूरी पर पुनौरा गाम अछि । स्थानीय लोकक अनुसार राजा जनक एतहि हर चलेलनि जाहि सँ सीताजीक जन्म भेलनि । सीताजीक जन्म राजा जनक द्वारा हर चलेबाक समय दिव्य शक्तिक रूप मे भेल छलनि । माता सीताक जन्मक कारण एहि ठामक धरती पुण्यमयी भऽ गेल । एहि कारण एहि जगहक नाम पुण्य उर्वि भेल जे आई पुनौराक नाम सँ जानल जाईत अछि । जहन माँ सीताक जन्म भेलनि तँ इ स्थान माता सीताक भूमिक नाम सँ प्रसिद्ध भेल आ संगहि आकाश मे मेघ लागि गेल आ मुसलाधार वर्षा होमय लागल । वर्षा भेला सँ प्रजाक कष्ट तँ दूर भऽ गेल, परन्तु नवजात शिशुक समस्या जनकक सामने आबि गेलनि । वर्षा सँ बचबाक लेल एकटा झोपड़ी बनाओल गेल । ओहि स्थानक नाम सीतामढ़ी पडल ।

सीतामढ़ी नगरक पश्चिम छोर पर एकटा कुन्ड अछि । कहल जाइत अछि जे लगभग २५० वर्ष पहिने ओहि कुन्डक भीतर सँ सीताक प्रतिमा भेटय छल । किछु लोकक कहब अछि जे एखन जानकी मंदिर मे स्थापित जानकीक प्रतिमा ओएह अछि जे कुन्ड सँ निकलल छल । पहिने एहि स्थान पर जंगल छल आ एतय महात्मा पुन्डलिक कुटिया छल । सीतामढ़ी मे जानकीक नाम पर हर साल मेला लगैत अछि, जाहि सँ ई स्थान बेस प्रसिद्ध भऽ गेल अछि, तथापि पुनौराक विकास एखन धरि नहि भेल अछि ।

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