साहित्य अकादेमी पुरस्कार : पोथी आ’ अनुवाद
डा० धीरेन्द्र नाथ मिश्र
वि०वि० प्राचार्य मैथिली विभाग, सी०एम० कॉलेज, दरभंगा (बिहार)
साहित्य अकादेमी मे मैथिलीक मान्यता-प्राप्ति सँ लऽ एखन पर्यन्त अनेको विद्वान केँ विभिन्न विधा मे रचित पोथी पर एकर पुरस्कार सँ सम्मानित कएल जा चुकल अछि । एहि क्रम मे सर्जनात्मक रचना सँ लए अन्य भाषाक पोथीक मैथिली मे सेहो अनुवाद भेल अछि, जाहि पर पुरस्कार देल जा चुकल अछि । एतबे नहि, मैथिलीक पुरस्कृत कतोक पोथीक अन्यान्य भाषा मे सेहो अनुवाद भए चुकल अछि, जकर सभक यथासंभव उपलब्ध सूची एतय प्रस्तुत कए रहल छी, जे द्रष्टव्य थिक निम्न प्रकारेँ :-
| वर्ष | पुरस्कृत पोथी | विधा | रचनाकार |
| १९६६ | मिथिला-वैभव | दर्शन | यशोधर झा |
| १९६८ | पत्रहीन नग्न गाछ | कविता | वैद्यनाथ मिश्र ‘यात्री’ |
| १९६९ | राधा-विरह | दर्शन | काशीकान्त मिश्र ‘मधुप’ |
| १९७० | पुरस्कृत पोथी | विधा | रचनाकार |
| १९७१ | पयस्विनी | कविता | सुरेन्द्र झा ‘सुमन’ |
| १९७३ | नैका बनिजारा | उपन्यास | ब्रजकिशोर वर्मा ‘मणिपद्म’ |
| १९७५ | किछु देखल किछु सुनल | संस्मरण | गिरीन्द्र मोहन मिश्र |
| १९७६ | सीतायन | महाकाव्य | वैद्यनाथ मल्लिक ‘विधु’ |
| १९७७ | अवहट्ट : उद्भव ओ विकास | आलोचना | राजेश्वर झा (मरणोपरान्त) |
| १९७८ | बाजि उठल मुरली | कविता | उपेन्द्र ठाकुर ‘मोहन’ |
| १९७९ | कृष्णचरित | महाकाव्य | तंत्रनाथ झा |
| १९८० | ई बतहा संसार | उपन्यास | सुधांशु शेखर चौधरी |
| १९८१ | अगस्त्यायिनी | महाकाव्य | मार्कण्डेय प्रवासी |
| १९८२ | मरीचिका | उपन्यास | लिली रे |
| १९८३ | पत्रकारिताक इतिहास | आलोचना | चन्द्रनाथ मिश्र ‘अमर’ |
| १९८४ | सूर्यमुखी | कविता | आरसी प्रसाद सिंह |
| १९८५ | जीवन-यात्रा | आत्मकथा | हरिमोहन झा (मरणोपरान्त) |
| १९८६ | नातिक पत्रक उत्तर | निबंध | सुभद्र झा |
| १९८७ | अतीत | कथा | उमानाथ झा |
| १९८८ | मंत्रपुत्र | उपन्यास | मायानन्द मिश्र |
| १९८९ | पराशर | महाकाव्य | कांचीनाथ झा ‘किरण’ (मरणोपरान्त) |
| १९९० | प्रभासक कथा | कथा | प्रभास कुमार चौधरी |
| १९९१ | पसिझैत पाथर | एकांकी | रामदेव झा |
| १९९२ | विविधा | निबंध-संग्रह | भीमनाथ झा |
| १९९३ | सामाक पौती | कथा | गोविन्द झा |
| १९९४ | उचितवक्ता | कथा | गंगेश गुंजन |
| १९९५ | कविता कुसुमांजलि | कविता | जयमन्त मिश्र |
| १९९६ | आइ काल्हि परसू | कथा | राजमोहन झा |
| १९९७ | ध्वस्त होइत शान्ति स्तूप | कविता | कीर्त्तिनारायण मिश्र |
| १९९८ | तकैत अछि चिड़ै | कविता | जीवकान्त |
| १९९९ | गणनायक | कथा | साकेतानन्द |
| २००१ | प्रतिज्ञा पाण्डव | महाकाव्य | बबुआजी झा ‘अज्ञात’ (मरणोपरान्त) |
| २००२ | सहसमुखी चौक पर | कविता | सोमदेव |
| २००३ | ऋतम्भरा | कथा | नीरजा रेणु |
| २००४ | शकुन्तला | महाकाव्य | चन्द्रभानु सिंह |
| २००५ | चानन घन गछिया | कविता | विवेकानन्द ठाकुर |
| २००६ | काठक लोक | कथा | विभूति आनन्द |
| २००७ | सरोकार | कथा | प्रदीप बिहारी |
| २००८ | कतेक डारि पर | आत्मकथा | डॉ. मंत्रेश्वर झा |
| वर्ष |
पुरस्कृत पोथी |
मूल लेखक |
मूलभाषा |
अनुवादक |
| १९९१ | शरदचन्द्र : व्यक्ति आ कलाकार (जीवनी) | सुबोधचन्द्रसेन | अंग्रेजी | शैलेन्द्र मोहन झा |
| १९९३ | नेपाली साहित्यक इतिहास | कुमार प्रधान | अंग्रेजी | गोविन्द झा |
| १९९४ | सगाइ (उपन्यास) | राजिन्द्र सिंह बेदी | उर्दू | रामदेव झा |
| १९९५ | रविन्द्र नाटकावली | रवीन्द्रनाथ टैगोर | बंगला | सुरेन्द्र झा ‘सुमन’ |
| १९९६ | अबुल कलाम आजाद (जीवनी) | अब्दुलकवी देसनवी | उर्दू | फजलुर रहमान हासमी |
| १९९७ | माटि मंगल (उपन्यास) | शिवराम कारंत | कन्नड़ | नवीन चौधरी |
| १९९८ | परशुरामक बीछल बेरायल कथा | राजशेखर बसु | बंगला | श्रीचन्द्रनाथ मिश्र ‘अमर’ |
| १९९९ | आरोग्य निकेतन (उपन्यास) | विभूति भूषण बन्धोपाध्याय | बंगला | मुरारि मधुसूदन ठाकुर |
| २००० | तमस (उपन्यास) | भीष्म साहनी | हिन्दी | अमरेश पाठक |
| २००१ | अन्तरिक्षमे विस्फोट | जयन्त विष्णु नार्लीकर | मराठी | सुरेश्वर झा |
| २००२ | पतझड़क स्वर (उपन्यास) | कुर्रतुल-एन-हैदर | उर्दू | प्रबोध नारायण सिंह |
| २००३ | मनोजदासक कथा ओ कहिनी (कथा) | मनोजदास | उड़िया | उपेन्द्र दोषी |
| २००४ | प्रेमचन्द्र : चयनित कथा (भाग-१) | प्रेमचन्द | हिन्दी | प्रफुल्ल कुमार सिंह ‘मौन’ |
| २००५ | बिहारक लोक कथा-१ | आर०के०नारायण | अंग्रेजी | योगानन्द झा |
साहित्य अकादमी द्वारा जाहि पोथीक अनुवाद मैथिली सँ अन्य भाषा मे भेल अछि से निम्न प्रकारें देखल जा सकैछ :-
(१) पत्रहीन नग्न गाछ : एहि पोथीक अनुवाद हिन्दी भाषा मे आचार्य सोमदेव एवं श्री शोभाकान्त द्वारा भेल अछि ।
(२) दू पत्र : ई उपन्यास व्यासजी द्वारा लिखित ओ साहित्य अकादमी द्वारा पुरस्कृत थीक । एकर अनुवाद हिन्दी मे उपन्यासकार स्वयं कएने छथि ।
(३) नैका बनिजारा : ई मणिपद्मक उपन्यास थीक, जाहि पर हिनका साहित्य अकादमी पुरस्कृत कएलकन्हि । एकर हिन्दी अनुवाद साहित्य अकादमी सँ पुरस्कृत विद्वान डॉ० गंगेश गुंजन द्वारा भेल अछि ।
(४) मंत्रपुत्र : ‘मंत्रपुत्र’ प्रो० मायानन्द मिश्रक औपन्यासिक कृति थीक जाहि पर ई साहित्य अकादमीक पुरस्कार सँ सम्मानित भए चुकल छथि आ ‘एकर अनुवाद ई हिन्दी मे कएने छथि, जे राजकमल प्रकाशन द्वारा प्रकाशित भए चुकल अछि ।
(५) तकैत अछि चिड़ै : ई कविता विधा मे जीवकान्त द्वारा रचित पोथी थीक, जकर अनुवाद हिन्दी मे केदार कानन द्वारा भेल अछि आ साहित्य अकादमिये सँ प्रकाशित भेल अछि । ध्यातव्य, जे इहो साहित्य अकादमी द्वारा पुरस्कृत पोथी थीक ।
(६) ई बतहा संसार : ई बतहा संसार’ स्व० सुधांशु शेखर चौधरीक उपन्यास-विधाक कृति थीक । एहि पर ई साहित्य अकादमी पुरस्कार सँ सम्मानित भए चुकल छथि जकर अनुवाद डॉ० प्रेमशंकर सिंह हिन्दी मे कएने छथि आ साहित्य अकादमिये एकरा प्रकाशित सेहो कएने अछि । एतदतिरिक्त सूचना अछि जे पं० चन्द्रनाथ मिश्र ‘अमर’क पुरस्कृत कृति ‘मैथिली पत्रकारिताक इतिहास’ एवं डॉ० रामदेव झाक साहित्य अकादमी सँ पुरस्कृत नाट्य-कृति ‘पसिझैत पाथर’ सेहो अनूदित भए रहल अछि ।
इहो संभव थीक जे एहि सूचीक अतिरिक्तो कोनो पुरस्कृत पोथी हो जकर अनुवाद होइत हो, परंच से हमरा जानकारी मे नहि अछि, तेँ तकर उल्लेख करब संभवे नहि ।
सम्पर्क : बैंक कॉलोनी, धर्मपुर
पो० : लक्ष्मीनगर, जिला : दरभंगा (बिहार)